प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत बिहार के गाँव में रहने वाले जिन परिवारों के पास अपना पक्का मकान नहीं है, उन्हें मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख की सहायता मिलती है। अपना नाम list में check करने के लिए official portal pmayg.dord.gov.in पर जाएँ, Stakeholders में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें और registration number डालकर Submit करें। इस लेख में list check करने के तीन तरीके, पात्रता और नए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया दी गई है।
| योजना | प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) |
| विभाग | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| लाभ | बिहार जैसे समतल क्षेत्र में पक्का मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख की सहायता |
| शौचालय | स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ₹12,000 की अतिरिक्त सहायता |
| मजदूरी | मनरेगा से मकान बनाने के लिए 90/95 दिन की मजदूरी का सहयोग |
| कौन ले सकता है | बिना पक्के मकान वाले ग्रामीण परिवार, SECC/Awaas+ सूची से, ग्राम सभा से सत्यापन के बाद |
| लिस्ट चेक | pmayg.dord.gov.in → Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary |
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🏠 योजना क्या है
PMAY-G केंद्र सरकार की ग्रामीण आवास योजना है। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) चलाता है। यह योजना 1 April 2016 से शुरू हुई थी, इससे पहले इंदिरा आवास योजना चलती थी।
इस योजना का मकसद यह है कि गाँव के हर पात्र परिवार को बुनियादी सुविधा वाला पक्का मकान मिले। मकान कम से कम 25 वर्ग मीटर का होता है, जिसमें रसोई बनाने की जगह भी शामिल होती है।
पैसा सीधा लाभार्थी के आधार से जुड़े bank खाते में DBT (Direct Benefit Transfer, सीधा खाते में पैसा भेजना) से किस्तों में आता है। हर किस्त मकान के काम की प्रगति के हिसाब से मिलती है।
बिहार समतल (plain) राज्य है, इसलिए यहाँ मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख की सहायता मिलती है। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में यह राशि ₹1.30 लाख है। शौचालय के लिए ₹12,000 की अलग सहायता और मनरेगा से 90/95 दिन की मज़दूरी का सहयोग भी मिलता है।
योजना का दूसरा चरण 2028-29 तक चलेगा। इस चरण में 2 करोड़ अतिरिक्त मकान बनाने की मंजूरी दी गई है।
✅ कौन ले सकता है
- परिवार गाँव (ग्रामीण क्षेत्र) में रहता हो।
- परिवार के पास अपना पक्का मकान नहीं हो। या तो बिल्कुल मकान नहीं हो, या 0, 1 या 2 कमरे वाला कच्चा मकान हो।
- परिवार का नाम SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना, सरकार का बड़ा survey) या Awaas+ 2024 survey की list में हो।
- अंतिम चयन ग्राम सभा (गाँव की सभा) की जाँच और मंजूरी के बाद होता है।
- प्राथमिकता इन परिवारों को मिलती है: SC/ST परिवार, विधवा और महिला-प्रधान परिवार, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, बंधुआ मज़दूरी से मुक्त परिवार, भूमिहीन मज़दूर, जिनके घर में 16 से 59 साल का कोई वयस्क नहीं है, या 25 साल से ऊपर का कोई साक्षर वयस्क नहीं है।
- जो परिवार पहले से पक्का मकान रखता है, वह इस योजना के लिए पात्र नहीं है।
🔍 लिस्ट में नाम कैसे चेक करें
नाम check करने के तीन तरीके हैं। जो तरीका आपके पास जानकारी के हिसाब से आसान लगे, उसे चुनें।
तरीका 1: Registration Number से
- Official portal pmayg.dord.gov.in खोलें।
- ऊपर के menu में Stakeholders पर click करें।
- Dropdown से IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
- अपना registration number सही-सही डालें।
- Captcha code भरें और Submit पर click करें।
- आपका पूरा विवरण दिखेगा: नाम, पिता या माता का नाम, sanction राशि, अब तक मिली किस्तें और मकान की स्थिति।
तरीका 2: AwaasPlus ID से (Awaas+ survey वाले)
- Portal के Stakeholders menu में AwaasPlus Beneficiary Details चुनें।
- State में बिहार चुनें।
- अपना 9 अंक का AWAAS PLUS ID डालें।
- Submit पर click करें। आपका विवरण screen पर आ जाएगा।
तरीका 3: Reports से जाँच की स्थिति देखें
- Portal पर Awaassoft में Report खोलें।
- Reports Directory में PMAY-G Report चुनें।
- E. SECC Reports में Status of priority list verification by gram sabha से अपने क्षेत्र की जाँच की स्थिति देखें।
ध्यान रहे: public portal पर नाम से सीधा search करने का option नहीं है। Online check केवल registration number या AWAAS PLUS ID से होता है। अगर आपके पास इनमें से कोई number नहीं है, तो अपने ग्राम पंचायत या Block कार्यालय (प्रखंड कार्यालय) से संपर्क करें।
एक बात ध्यान रखें: portal का पुराना address pmayg.nic.in अब नहीं खुलता। Portal का नया official address pmayg.dord.gov.in है — list check वहीं से करें।
📝 नया नाम कैसे जुड़ता है
इस योजना में आम नागरिक के लिए कोई सीधा online form नहीं भरा जाता। नाम Awaas+ 2024 survey से जुड़ता है. यह survey खुद mobile app से या पंचायत की मदद से होता है।
Survey के बाद ग्राम सभा list की जाँच करती है। जाँच के बाद नाम list में आता है, फिर मकान sanction होता है और काम की प्रगति के हिसाब से किस्तों में पैसा मिलता है।
अगर आप पात्र हैं और आपका नाम list में नहीं है, तो अपने ग्राम पंचायत या Block कार्यालय (प्रखंड कार्यालय) से संपर्क करें और survey की स्थिति के बारे में पूछें।
सावधान रहें: list देखना और survey पूरी तरह free है। अगर कोई व्यक्ति नाम जुड़वाने या list में नाम ढूँढने के बदले पैसा माँगे, तो उसे पैसा न दें। सिर्फ official portal, पंचायत और Block कार्यालय की जानकारी पर भरोसा करें। एक और आम गलती यह है कि लोग शहरी आवास योजना (PMAY-Urban) के portal पर ग्रामीण नाम ढूँढते हैं। दोनों के portal अलग हैं। ग्रामीण नाम सिर्फ PMAY-G के portal पर मिलेगा।
🔗 Important Links
❓ FAQs
बिहार में PMAY-G के तहत कितना पैसा मिलता है?
बिहार समतल राज्य है, इसलिए यहाँ मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख की सहायता मिलती है। शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा से 90/95 दिन की मज़दूरी का सहयोग अलग से मिलता है।
Registration number नहीं है तो नाम कैसे check करें?
Online check केवल registration number या AWAAS PLUS ID से होता है — AwaasPlus Beneficiary Details में State और 9 अंक का AWAAS PLUS ID डालें। अगर इनमें से कोई number नहीं है, तो अपने ग्राम पंचायत या Block कार्यालय से संपर्क करें।
क्या PMAY-G के लिए सीधा online apply कर सकते हैं?
नहीं। आम नागरिक के लिए कोई सीधा online form नहीं है। नाम Awaas+ 2024 survey से जुड़ता है, फिर ग्राम सभा जाँच करती है।
पैसा एक साथ मिलता है या किस्तों में?
किस्तों में मिलता है। पैसा DBT से आधार से जुड़े bank खाते में आता है, मकान के काम की प्रगति के हिसाब से।
नाम list में नहीं है तो क्या करें?
अपने ग्राम पंचायत या Block कार्यालय से संपर्क करें और survey की स्थिति पूछें। अंतिम जाँच ग्राम सभा करती है।
⚖️ ज़रूरी सूचना (Disclaimer)
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। इसमें दी गई जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय और PMAY-G के official portal पर आधारित है। राशि, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया सरकार के निर्देशों के हिसाब से बदल सकती है। आवेदन या list check करने से पहले official portal या अपने Block कार्यालय से ताज़ा जानकारी की पुष्टि ज़रूर कर लें।